Peer To Peer Networks in Hindi | IIT Kanpur का 8-सप्ताह का कोर्स | प्रो. वाई. एन. सिंह
Course Details
| Exam Registration | 40 |
|---|---|
| Course Status | Ongoing |
| Course Type | Elective |
| Language | English |
| Duration | 8 weeks |
| Categories | Electrical, Electronics and Communications Engineering, Communication and Signal Processing |
| Credit Points | 2 |
| Level | Postgraduate |
| Start Date | 16 Feb 2026 |
| End Date | 10 Apr 2026 |
| Enrollment Ends | 16 Feb 2026 |
| Exam Registration Ends | 27 Feb 2026 |
| Exam Date | 26 Apr 2026 IST |
| NCrF Level | 4.5 — 8.0 |
Peer To Peer Networks in Hindi: IIT Kanpur के प्रो. वाई. एन. सिंह के साथ एक विस्तृत मार्गदर्शिका
क्या आप कंप्यूटर नेटवर्किंग के क्षेत्र में गहन ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं? क्या आप Peer-to-Peer (P2P) नेटवर्क की जटिल और रोमांचक दुनिया को समझना चाहते हैं? यदि हां, तो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के प्रोफेसर वाई. एन. सिंह द्वारा पढ़ाया जाने वाला यह 8-सप्ताह का पोस्टग्रेजुएट कोर्स आपके लिए एक उत्कृष्ट अवसर है। यह कोर्स हिंदी में उपलब्ध है, जो इसे भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए और भी सुलभ बनाता है।
कोर्स के बारे में: एक संक्षिप्त विवरण
यह कोर्स Peer-to-Peer नेटवर्क की अवधारणाओं और आर्किटेक्चर पर गहन चर्चा प्रस्तुत करता है। P2P सिस्टम मौजूदा इंटरनेट के ऊपर एक ओवरले के रूप में बनाए जाते हैं। इसका मूल विचार उपयोगकर्ता मशीनों के बीच सहयोग स्थापित करना है, ताकि टेलीफोनी, वितरित लचीली फाइल सिस्टम, मैसेजिंग सिस्टम और अन्य सहयोगी कंप्यूटिंग सेवाओं जैसी सुविधाएं लागू की जा सकें। ऐसी प्रणालियों को सर्वर की आवश्यकता नहीं होती है या बहुत सीमित तरीके से उनकी आवश्यकता होती है।
यहां सीखे गए मूल सिद्धांत उपयोगकर्ता क्लाउड सिस्टम के निर्माण की नींव रखेंगे।
आपका प्रशिक्षक: प्रोफेसर वाई. एन. सिंह
प्रोफेसर यतिंद्र नाथ सिंह IIT कानपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर (HAG) हैं।
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: उन्होंने 1997 में IIT दिल्ली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
- अनुभव: जनवरी 1997 से जुलाई 1997 तक वे रुड़की विश्वविद्यालय (अब IIT रुड़की) में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में विजिटिंग फैकल्टी रहे, और जुलाई 1997 से IIT कानपुर में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं।
- शोध रुचियां: Peer-to-Peer नेटवर्क, ऑप्टिकल नेटवर्क, डिजिटल स्विचिंग सिस्टम।
- स्टार्टअप में योगदान: वह YRRNA सिस्टम लैब का मार्गदर्शन भी कर रहे हैं, जो एक तकनीकी सहकारी स्वरूप स्टार्टअप है, जहां वे रक्षा, नेविगेशन, रेलवे सिग्नलिंग के लिए डिजिटल ट्रांसपोर्ट के विभिन्न उपतंत्रों के डिजाइन और विकास पर काम कर रहे हैं।
कोर्स लेआउट: 8 सप्ताह का विस्तृत पाठ्यक्रम
यह कोर्स व्यवस्थित रूप से P2P नेटवर्क के हर पहलू को कवर करता है।
| सप्ताह | विषय |
|---|---|
| सप्ताह 1 | P2P नेटवर्क – प्रेरणा। मूल बातें – क्रिप्टोग्राफिक हैश, पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी सिद्धांत, सुरक्षा प्रमाणपत्र, संरचित और असंरचित P2P नेटवर्क |
| सप्ताह 2 | असंगत हैशिंग, संगत हैशिंग, रेंडेज़वस हैशिंग, लोकेलिटी प्रिज़र्विंग हैशिंग, वितरित हैश टेबल (DHT) |
| सप्ताह 3 | चॉर्ड, फिंगर टेबल, दूरी फ़ंक्शन, फिंगर टेबल निर्माण और प्रबंधन |
| सप्ताह 4 | कैडमिलिया, टेपेस्ट्री, पेस्ट्री, लॉगरिदमिक पार्टिशनिंग, अन्य ज्यामितीय संरचनाएं, लोकेलिटी अवेयर DHT |
| सप्ताह 5 | P2P VoIP सिस्टम, ट्रांसपोर्ट – UDP, TCP, HTTP टनलिंग, प्रॉक्सीइंग |
| सप्ताह 6 | वितरित फाइल सिस्टम (DFS), DFS आधारित बैकअप सिस्टम, यूनिवर्सल फाइल सिस्टम |
| सप्ताह 7 | P2P VoIP और DFS सिस्टम के लिए उपयोग के मामले, असंरचित प्रणालियाँ |
| सप्ताह 8 | TOR रूटिंग (अनाम रूटिंग), ओवरलेड मल्टीकास्टिंग, ओवरलेड मल्टीकास्ट की लचीलापन, Brihaspati4 का सामान्य बहु-सेवा आर्किटेक्चर |
कोर्स की मुख्य विशेषताएं
- भाषा: हिंदी (माध्यम)।
- स्तर: पोस्टग्रेजुएट।
- अवधि: 8 सप्ताह।
- श्रेणियाँ: इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्युनिकेशन और सिग्नल प्रोसेसिंग।
- पूर्वापेक्षाएँ: एल्गोरिदम, कंप्यूटर नेटवर्क की बुनियादी समझ।
- लक्षित दर्शक: सीएसई, आईटी, ईसीई, ईई के यूजी/पीजी छात्र; आईटी, कोर ऑफ सिग्नल्स में कार्यरत पेशेवर।
- उद्योग समर्थन: आईटी उद्योग / सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट हाउस।
आप क्या सीखेंगे?
इस कोर्स को पूरा करने के बाद, आप निम्नलिखित में दक्षता हासिल कर लेंगे:
- विभिन्न DHT (Distributed Hash Table) एल्गोरिदम जैसे Chord, Kademlia, Pastry और उनकी कार्यान्वयन जटिलताओं की गहन समझ।
- रिप्लिकेशन फैक्टर का उपयोग करके लचीलापन लागू करने के तंत्र।
- यूनिवर्सल फाइल सिस्टम का उपयोग करके भंडारण की दक्षता, जहां सामग्री साझा करने से अतिरिक्त प्रतियां नहीं बनती हैं।
- यह सुनिश्चित करने के तंत्र कि विभिन्न भंडारण क्षमताओं वाले नोड्स का उपयोग किया जा सकता है।
- Brihaspati4, एक चल रहे ओपन-सोर्स P2P सिस्टम प्रोजेक्ट की आर्किटेक्चर की व्यावहारिक समझ।
- P2P VoIP सिस्टम और डिस्ट्रिब्यूटेड फाइल सिस्टम के वास्तविक दुनिया के उपयोग के मामले।
पाठ्य सामग्री और संसाधन
कोर्स की सभी आवश्यक पाठ्य सामग्री और नोट्स निम्नलिखित लिंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी:
- पाठ्यपुस्तक/संदर्भ: NPTEL पर Peer to Peer networks MOOC कोर्स के अंग्रेजी संस्करण के लिए व्याख्यान और नोट्स साझा किए गए हैं।
- टेलीग्राम चैनल: कोर्स सामग्री टेलीग्राम चैनल https://t.me/peer2peerNet पर पोस्ट की गई है। छात्रों को इस चैनल से जुड़ने की सलाह दी जाती है ताकि वे सभी अपडेट और संसाधन प्राप्त कर सकें।
यह कोर्स न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करता है बल्कि Brihaspati4 जैसे वास्तविक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट के माध्यम से व्यावहारिक अंतर्दृष्टि भी देता है। यह उन सभी के लिए एक बेहतरीन मौका है जो विकेंद्रीकृत नेटवर्क प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं या अपने ज्ञान का विस्तार करना चाहते हैं।
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