Course Details

Exam Registration531
Course StatusOngoing
Course TypeCore
LanguageEnglish
Duration8 weeks
CategoriesCivil Engineering
Credit Points2
LevelUndergraduate
Start Date16 Feb 2026
End Date10 Apr 2026
Enrollment Ends16 Feb 2026
Exam Registration Ends27 Feb 2026
Exam Date24 Apr 2026 IST
NCrF Level4.5 — 8.0

निर्माण प्रबंधन (Construction Management) के सिद्धांत: IIT कानपुर से एक विशेष कोर्स

निर्माण उद्योग किसी भी देश की आर्थिक रीढ़ की हड्डी है। हालाँकि, किसी भी निर्माण परियोजना की सफलता सिर्फ तकनीकी कौशल पर नहीं, बल्कि मजबूत प्रबंधन सिद्धांतों पर भी निर्भर करती है। यदि आप सिविल इंजीनियरिंग के छात्र हैं, एक उभरते हुए पेशेवर हैं, या निर्माण क्षेत्र से जुड़े हैं, तो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर द्वारा प्रस्तुत “निर्माण प्रबंधन के सिद्धांत” कोर्स आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। यह 8-सप्ताह का ऑनलाइन कोर्स निर्माण परियोजनाओं के प्रबंधन के हर पहलू को समझने का एक संपूर्ण मंच प्रदान करता है।

कोर्स का संक्षिप्त विवरण

कोर्स का नामनिर्माण प्रबंधन (Construction Management) के सिद्धांत
प्रशिक्षकप्रो. सुधीर मिश्रा, IIT कानपुर
अवधि8 सप्ताह
स्तरअंडरग्रेजुएट
श्रेणीसिविल इंजीनियरिंग

प्रतिष्ठित प्रशिक्षक: प्रो. सुधीर मिश्रा

इस कोर्स की सबसे बड़ी ताकत इसके प्रशिक्षक, प्रो. सुधीर मिश्रा हैं। IIT कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर, प्रो. मिश्रा के पास कंक्रीट सामग्री, निर्माण और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने कंसल्टिंग और निर्माण कंपनियों के साथ काम किया है और IIT कानपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के स्नातकोत्तर कार्यक्रम को शुरू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की समितियों के सदस्य रह चुके प्रो. मिश्रा का शोध कंक्रीट की स्थायित्व और गैर-विनाशकारी परीक्षण तथा विशेष कंक्रीट के विकास पर केंद्रित है। भारत सरकार की NPTEL योजना के तहत उनका “कंक्रीट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी” का लेक्चर मॉड्यूल पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध है।

कोर्स किसके लिए है?

यह कोर्स मुख्य रूप से कॉलेजों में सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हालाँकि, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे अन्य विषयों के छात्र भी इसमें रुचि ले सकते हैं।

साथ ही, यह कोर्स उन पेशेवर इंजीनियरों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है जो निर्माण परियोजनाओं से जुड़ी कॉन्ट्रैक्टिंग, कंसल्टिंग या अन्य संगठनों में कार्यरत हैं, खासकर प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) के एक उपकरण के रूप में।

कोर्स पूर्वापेक्षाएँ (Prerequisites)

इस कोर्स के लिए कोई औपचारिक पूर्वापेक्षा नहीं है। हालाँकि, निर्माण परियोजनाओं के बारे में थोड़ा ज्ञान या अनुभव समझ को और आसान बना देगा।

8 सप्ताह में क्या सीखेंगे? (कोर्स लेआउट)

यह कोर्स निर्माण प्रबंधन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को क्रमबद्ध तरीके से कवर करता है:

  • सप्ताह 1: सामान्य अवलोकन और परियोजना संगठन
  • सप्ताह 2: परियोजना लागत का अनुमान (Estimation)
  • सप्ताह 3: निर्माण अर्थशास्त्र (Construction Economics)
  • सप्ताह 4: नियोजन और शेड्यूलिंग: भाग-1 (PERT, CPM जैसी तकनीकों का परिचय)
  • सप्ताह 5: नियोजन और शेड्यूलिंग: भाग-2 (उन्नत अवधारणाएँ)
  • सप्ताह 6: गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management)
  • सप्ताह 7: एक निर्माण परियोजना के कानूनी पहलू (कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट)
  • सप्ताह 8: सुरक्षा प्रबंधन (Safety Management)

संदर्भ पुस्तकें (Books and References)

कोर्स के दौरान निम्नलिखित मानक पुस्तकों और संसाधनों का उल्लेख किया जाएगा, जो आपकी समझ को गहरा करने में मदद करेंगी:

  • Jha K.N., Construction Project Management- Theory and practice
  • Kerzner H., Project Management- A systems approach to planning, scheduling and controlling
  • Chitkara K.K., Construction Project Management – Planning, Scheduling and Controlling
  • Crundwell F.K., Finance for Engineers-Evaluation and Funding of Capital Projects
  • Theusen G.J., Fabrycky W.J., Engineering Economy
  • Srinath L.S., PERT and CPM – Principles and Applications

कोर्स करने के फायदे

  • व्यापक ज्ञान: सिर्फ नियोजन और शेड्यूलिंग ही नहीं, बल्कि अर्थशास्त्र, गुणवत्ता, कानून और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समग्र समझ।
  • उद्योग-प्रासंगिकता: प्रो. मिश्रा का व्यावहारिक अनुभव कोर्स की सामग्री को वास्तविक दुनिया से जोड़ता है।
  • प्रतिष्ठित संस्थान से प्रमाणपत्र: IIT कानपुर और NPTEL से प्राप्त प्रमाणपत्र आपके रिज्यूमे को मजबूत बनाता है।
  • लचीला शेड्यूल: ऑनलाइन मोड होने के कारण आप अपनी सुविधानुसार सीख सकते हैं।

निष्कर्ष के तौर पर, “निर्माण प्रबंधन के सिद्धांत” कोर्स उन सभी के लिए एक उत्कृष्ट अवसर है जो निर्माण उद्योग में एक सफल और प्रबंधन-कुशल इंजीनियर बनना चाहते हैं। यह कोर्स न सिर्फ सैद्धांतिक बुनियाद मजबूत करता है, बल्कि व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने का नजरिया भी प्रदान करता है।

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